Tuesday, 23 July 2013

कौन है धर्म निरपेक्ष !!?

मै पृथ्वी के सापेक्ष हूँ ,अग्नि और जल के भी सापेक्ष हूँ, मै एक पल भी इनसे निरपेक्ष नहीं रह सकता । वायु के बिना तो अधिकतम 30 सेकण्ड ही रह सकता हूँ अर्थात सबसे ज्यादा सापेक्ष तो वायु का । इसीप्रकार अपने परिवार के सभी रिश्तों के सापेक्ष हूँ ,मै  अपनी माँ ,बहन ,बेटी अथवा मित्रों से भी निरपेक्ष नहीं रह सकता ,मेरे जीवन में इन सबकी बहुत आवश्यकता है ।इसीप्रकार जो सदगुणों को धारण करना सिखाये ,  दया ,करुणा ,प्राणिमात्र के प्रति प्रेम -भावना को सिखाने वाला "धर्म" से निरपेक्ष कैसे रहूँ ?कोई उसे मानव धर्म कहता है ,कोई वैदिक धर्म तो कोई हिन्दू धर्म ! जन्म से ही जिस धरती ने हमें पाल-पोसकर बड़ा किया उसी राष्ट्र से निरपेक्ष कैसे रहूँ? ,अतः मै "राष्ट्रवादी "हूँ ,हिन्दू हूँ, इन शब्दों को कहने में आज भारत का नेता भले ही मजबूर हो किन्तु आप नहीं ।एक सच्चा भारतीय भेद-भाव और ऊँचनीच की भावना से ऊपर उठकर इस राष्ट्र को लुटेरों के हाथो से अवश्य बचाए !जय हिंद ! जय भारत ! जय भारत वासी !! 

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